Thursday, 19 April 2012

बबन पाण्डेय की गंभीर कविताएं: पेड़ और लड़की

बबन पाण्डेय की गंभीर कविताएं: पेड़ और लड़की: जैसे-जैसे बड़ा होता है पेड़ टिकने लगती हैं निगाहें मानों ...... जवान हो रही हो एक लड़की // कोई फलों को तोड़ कर मिटाता है अपनी भूख कोई करता है...

2 comments:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  2. अच्छी कविता के लिए बधाई...

    ReplyDelete